प्रेरक प्रसंग : गणित और संस्कृत लोकमान्य तिलक के प्रिय विषय थे। स्कूल में जब उनकी परीक्षाएं होतीं, तब गणित के पेपर में तिलक हमेशा कठिन सवालों को हल करना ही पसंद करते थे। लोकमान्य तिलक बचपन से ही बहुत साहसी और निडर थे। एक बार लोकमान्य तिलक के एक मित्र ने कहा कि तुम हमेशा कठिन सवालों को ही क्यों हल करते हो? अगर तुम सरल सवालों को हल करोगे तो तुम्हें परीक्षा में ज्यादा अंक मिलेंगे। इस पर तिलक ने जवाब दिया कि मैं ज्यादा-से-ज्यादा सीखना चाहता हूं इसलिए कठिन सवालों को हल करता हूं। अगर हम हमेशा ऐसे काम ही करते रहेंगे, जो हमें सरल लगते हैं तो हम कभी कुछ नया नहीं सीख पाएंगे। यही बात हमारी जिंदगी पर भी लागू होती है, अगर हम हमेशा आसान विषय, सरल सवाल और साधारण काम की तलाश में लगे रहेंगे तो कभी आगे नहीं बढ़ पाएंगे।
बुधवार, 31 जुलाई 2019
घर पर ही तैयार करें फेस मास्क
जीवनशैली : चिया के बीज से त्वचा को भी बहुत लाभ होता है। आजकल चिया के बीजों से त्वचा को होने वाले फायदों की बात खूब की जा रही है। इसके बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड से प्रचुर होते हैं और ये स्किन को हाइड्रेट, मॉइश्चराइज करने के साथ साथ लालपन कम करते हैं। ये बीज कोलाजन और इलास्टिन के लेवल को बढ़ाकर त्वचा की क्षतिग्रस्त हुई कोशिकाओं को ठीक करते हैं। जिंक, एंटीऑक्सीडेंट, जरूरी मिनरल्स से युक्त चिया के बीज दाग-धब्बों से छुटकारा, रक्त प्रवाह को बेहतर और त्वचा की चमक बढ़ाने का काम करते हैं। चिया के बीजों से खुद मास्क कैसे बनाएं और इसके फायदे: कैसे बनाएं फेस मास्क दो चम्मच चिया के बीज लें और उन्हें एक कटोरी में दो चम्मच पानी में डुबोकर रख दें। 20 मिनट बाद ये जैल के रूप में तैयार हो जाएगा। इस मिश्रण को किसी अन्य कटोरी में निकाल लें। अब इस जैल में एक चम्मच शहद डालें और अच्छी तरह से मिलाएं।
इसके बाद एक चम्मच ऑलिव ऑयल डालें। शहद में नमी प्रदान करने के गुण होते हैं और इसलिए ये त्वचा को मॉइश्चराइज और रंगत निखारने के काम आता है। ऑलिव ऑयल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं जो स्किन को हाइड्रेट और रिपेयर करता है। फेसमास्क को लगाने से पहले चेहरे से धूल-मिट्टी साफ कर लें। अब सर्कुलर मोशन में चेहरे पर मास्क लगाएं। इसे 20 से 30 मिनट तक लगा रहने दें। गहराई में दबी मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए स्क्रब करें। अब गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धोएं। इससे खुले रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। अब सूखे तौलिए से चेहरे को सुखा लें और किसी नरिशिंग मॉइश्चराइजर से मसाज करें।
इसके बाद एक चम्मच ऑलिव ऑयल डालें। शहद में नमी प्रदान करने के गुण होते हैं और इसलिए ये त्वचा को मॉइश्चराइज और रंगत निखारने के काम आता है। ऑलिव ऑयल एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होते हैं जो स्किन को हाइड्रेट और रिपेयर करता है। फेसमास्क को लगाने से पहले चेहरे से धूल-मिट्टी साफ कर लें। अब सर्कुलर मोशन में चेहरे पर मास्क लगाएं। इसे 20 से 30 मिनट तक लगा रहने दें। गहराई में दबी मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए स्क्रब करें। अब गुनगुने पानी से चेहरा धो लें। इसके बाद ठंडे पानी से चेहरा धोएं। इससे खुले रोमछिद्र बंद हो जाते हैं। अब सूखे तौलिए से चेहरे को सुखा लें और किसी नरिशिंग मॉइश्चराइजर से मसाज करें।
त्वचा की परेशानियां दूर कर देती हैं अमरूद की पत्तियां
स्वास्थ्य : विटामिन ए, विटामिन सी और एंटीऑक्सीडेंट्स से युक्त अमरूद त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। अमरूद के अलावा इसकी पत्तियां भी त्वचा के लिए फायदेमंद होती हैं। इसकी पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट्स और एंटी इंफ्लामेट्री यौगिक और लाभकारी टैनिन होते हैं। इसके औषधीय गुण कई तरह की बीमारियों और खासतौर पर त्वचा रोगों से सुरक्षा प्रदान करते हैं। ब्लैकहैड्स का इलाज अमरूद की पत्तियों से ब्लैकहैड्स का इलाज भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको अमरूद की कुछ पत्तियां लेकर उसमें पानी डालकर ब्लैंड करना है। अब इसमें गुलाबजल की कुछ बूंदें डालें और पेस्ट तैयार कर लें। इसे ब्लैकहैड्स के ऊपर स्क्रब करें। बेहतर परिणाम के लिए सप्ताह में दो बार इस पेस्ट को लगाएं। आपको ब्लैकहैड्स कम होते नज़र आएंगे। एक्ने और गहरे धब्बों के लिए किसी प्राकृतिक चीज़ से गहरे धब्बों और एक्ने का इलाज करने से बेहतर और क्या हो सकता है। सैलून या पार्लर में जाकर महंगे ट्रीटमेंट लेने से तो अच्छा है कि आप घरेलू नुस्खे आज़माएं। तो चलिए जानते हैं कि अमरूद की पत्तियों से आप किस तरह एक्ने और गहरे धब्बों से छुटकारा पा सकते हैं: अमरूद की कुछ पत्तियां लें और उन्हें मैशर या ग्राइंडर की मदद से मैश कर लें। इसे एक्ने और गहरे दाग वाली जगह पर लगाएं। 10-12 मिनट बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें और उसे तौलिए से सुखा लें। अमरूद की पत्तियां एक्ने पैदा करने वाले बैक्टीरिया को मार देती हैं और इसलिए इस पेस्ट को सप्ताह में दो बार लगाने के बाद आपको खुद फर्क नज़र आने लगेगा। एंटी एजिंग फायदे अमरूद की पत्तियों में एंटीऑक्सीडेंट्स होते हैं जो त्वचा की उम्र बढ़ाने वाले फ्री रेडिकल्स को खत्म कर देते हैं। ये त्वचा को साफ करते हैं और रंगत को निखारते हैं और एजिंग के निशान भी साफ कर देते हैं।
अमरूद की कुछ पत्तियां लें और उसे ब्लेंड कर लें और इसमें 2 चम्मच योगर्ट डालकर मिक्स करें। इसका पेस्ट तैयार कर लें। इसे चेहरे पर 15-17 मिनट तक लगाएं। अब ठंडे पानी से मुंह धोकर सुखा लें। अब किसी क्रीम को चेहरे पर लगाएं। ऑयली स्किन के लिए चमत्कार एंटीऑक्सीडेंट क्वालिटी की वजह से ये ऑयली स्किन को ठीक करने में भी मदद करता है। ऑयली स्किन के लिए अमरूद की पत्तियों से इस तरह फेस पैक तैयार करें। अमरूद की कुछ पत्तियां लें और उसे ब्लेंड कर लें। इसमें गुलाबजल और नींबू के रस की कुछ बूंदें डालें और मिक्स करें। इसका गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें और चेहरे पर लगाएं। 20-30 मिनट तक इसे लगा रहने दें। सूखने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें और हल्के हाथों से सुखाएं। रोज़ ये फेस पैक लगाने से आपकी त्वचा अपने आप ही ऑयल फ्री हो जाएगी। दाग होंगे कम अमरूद की पत्तियां त्वचा के दाग-धब्बों को घटाकर उसे चमकदार बनाने का भी काम करती हैं। इसमें मौजूद क्लोरोफिल त्वचा को सांस लेने में मदद करता है और त्वचा तरोताज़ा महसूस करती है। पके हुए अमरूद की कुछ पत्तियां लें और उसे पानी के साथ ग्राइंड कर लें। इसमें कुछ बूंदें गुलाब जल की भी डालें। इसे त्वचा पर लगाएं और 15-20 मिनट तक लगा रहने दें। ठंडे पानी से चेहरा धो लें और तौलिए से चेहरे को सुखाएं। हफ्ते में दो या तीन बार इस पैक को लगाएं।
अमरूद की कुछ पत्तियां लें और उसे ब्लेंड कर लें और इसमें 2 चम्मच योगर्ट डालकर मिक्स करें। इसका पेस्ट तैयार कर लें। इसे चेहरे पर 15-17 मिनट तक लगाएं। अब ठंडे पानी से मुंह धोकर सुखा लें। अब किसी क्रीम को चेहरे पर लगाएं। ऑयली स्किन के लिए चमत्कार एंटीऑक्सीडेंट क्वालिटी की वजह से ये ऑयली स्किन को ठीक करने में भी मदद करता है। ऑयली स्किन के लिए अमरूद की पत्तियों से इस तरह फेस पैक तैयार करें। अमरूद की कुछ पत्तियां लें और उसे ब्लेंड कर लें। इसमें गुलाबजल और नींबू के रस की कुछ बूंदें डालें और मिक्स करें। इसका गाढ़ा पेस्ट तैयार कर लें और चेहरे पर लगाएं। 20-30 मिनट तक इसे लगा रहने दें। सूखने के बाद ठंडे पानी से चेहरा धो लें और हल्के हाथों से सुखाएं। रोज़ ये फेस पैक लगाने से आपकी त्वचा अपने आप ही ऑयल फ्री हो जाएगी। दाग होंगे कम अमरूद की पत्तियां त्वचा के दाग-धब्बों को घटाकर उसे चमकदार बनाने का भी काम करती हैं। इसमें मौजूद क्लोरोफिल त्वचा को सांस लेने में मदद करता है और त्वचा तरोताज़ा महसूस करती है। पके हुए अमरूद की कुछ पत्तियां लें और उसे पानी के साथ ग्राइंड कर लें। इसमें कुछ बूंदें गुलाब जल की भी डालें। इसे त्वचा पर लगाएं और 15-20 मिनट तक लगा रहने दें। ठंडे पानी से चेहरा धो लें और तौलिए से चेहरे को सुखाएं। हफ्ते में दो या तीन बार इस पैक को लगाएं।
आसानी से दूर करें ब्लैकहेड्स
जीवनशैली : तेल और मृत
कोशिकाओं का मिश्रण होते हैं ब्लैकहेड्स, जो कि रोम छिद्रों में जम जाते
हैं। हवा के संपर्क में आने पर ये ऑक्सीडाइज़ और काले पड़ने लगते हैं। ये
अधिकतर चेहरे, कमर, गर्दन, छाती, हाथों और कंधों पर दिखते हैं। स्किन
एक्सपर्ट की मदद से जानते है कि ब्लैकहैड्स से किस तरह छुटकारा पाया जा
सकता है। ब्लैकहैड्स और व्हाइटहैड्स को हटाने में सैलिसाइलिक एसिड
असरकारी होता है क्योंकि से अतिरिक्त तेल और त्वचा की मृत कोशिकाओं को
तोड़ता है। लेकिन अधिकतर लोगों को ये एसिड सूट नहीं करता है और वो रोज़
इसका इस्तेमाल नहीं कर पाते हैं।
रोमछिद्रों को बंद करने वाली त्वचा की मृत कोशिकाओं को साफ करने के लिए डॉक्टर से कोई असरकारी नाइट क्रीम और सीरम के बारे में पूछें। त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए एक्सफोलिएटिंग फायदों के लिए स्किन ब्रश का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आपको हफ्ते में केवल एक बार इसका इस्तेमाल करना है ताकि त्वचा को कोई नुकसान न पहुंचे। क्ले और चारकोल मास्क भी ब्लैकहैड्स को निकालने में असरकारी होता है। क्ले मास्क मिनरल से प्रचुर होता है और ब्लैकहैड्स से संबंधित तीन समस्याओं जैसे कि तेल बनने, त्वचा की मृत कोशिकाओं और बंद रोमछिद्रों की दिककत को दूर करता है। इसे पानी में मिलाकर लगाने से ये ब्लैकहैड्स को बाहर खींच लेता है और रोमछिद्रों को साफ करता है। आपकी स्किन ड्राई हो या ऑयली, उस पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं ताकि त्वचा हमेशा स्वस्थ रहे और सिबेशियस ग्रंथियां अधिक सक्रिय ना हों। कीमोडोजेनिक मेकअप का इस्तेमाल न करें। इससे आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और बैक्टीरियन संक्रमण का भी खतरा रहता है।
रोमछिद्रों को बंद करने वाली त्वचा की मृत कोशिकाओं को साफ करने के लिए डॉक्टर से कोई असरकारी नाइट क्रीम और सीरम के बारे में पूछें। त्वचा की मृत कोशिकाओं को हटाने के लिए एक्सफोलिएटिंग फायदों के लिए स्किन ब्रश का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। आपको हफ्ते में केवल एक बार इसका इस्तेमाल करना है ताकि त्वचा को कोई नुकसान न पहुंचे। क्ले और चारकोल मास्क भी ब्लैकहैड्स को निकालने में असरकारी होता है। क्ले मास्क मिनरल से प्रचुर होता है और ब्लैकहैड्स से संबंधित तीन समस्याओं जैसे कि तेल बनने, त्वचा की मृत कोशिकाओं और बंद रोमछिद्रों की दिककत को दूर करता है। इसे पानी में मिलाकर लगाने से ये ब्लैकहैड्स को बाहर खींच लेता है और रोमछिद्रों को साफ करता है। आपकी स्किन ड्राई हो या ऑयली, उस पर मॉइश्चराइजर जरूर लगाएं ताकि त्वचा हमेशा स्वस्थ रहे और सिबेशियस ग्रंथियां अधिक सक्रिय ना हों। कीमोडोजेनिक मेकअप का इस्तेमाल न करें। इससे आपकी त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है और बैक्टीरियन संक्रमण का भी खतरा रहता है।
आसानी से दूर करें ब्लैकहेड्स
कई बीमारियों से दूर रखती है धनिया की पत्ती
जीवनशैली : हरी धनिया की पत्ती स्वास्थ्य के लिए काफी लाभप्रद होता है। इसमें प्रोटीन, वसा, फाइबर, कार्बोहाइड्रेट, मिनरल आदि पाया जाता है। इसके अलावा हरे धनिया के पत्ती में कैल्शियम, फास्फोरस, आयरन, कैरोटीन, थियामीन, पोटोशियम और विटामिन सी भी पाया जाता हैं। हरा धनिया पेट की समस्याओं के लिए बहुत फायदेमंद है, यह पाचनशक्ति बढ़ाता है। धनिया का प्रयोग शाकाहार और मांसाहार दोनों में किया जाता है। हरी धनिया की पत्ती का उपयोग सदियों से किया जा रहा है। धनिया की पत्तियां मैग्नीशियम का बहुत अच्छा स्रोत होती हैं। इसके अलावा इनमें विटामिन बी और फॉलिक एसिड भी अच्छी मात्रा में होता है। ये दोनों ही तत्व शरीर में ग्लूकोज को बर्न करने में मदद करते हैं, जिससे आप जो भी कैलोरीज लेते हैं, शरीर उनका इस्तेमाल कर लेता है और वे अतिरिक्त फैट के रूप में आपके शरीर में जमा नहीं होते हैं। हरा धनिया पेट की समस्याओं का निवारण करता है, यह पाचनशक्ति बढ़ाता है। धनिये के ताजे पत्तों को छाछ में मिलाकर पीने से बदहजमी, मतली, पेचिश और कोलाइटिस में आराम मिलता है। हरा धनिया, हरी मिर्च, कसा हुआ नारियल और अदरक की चटनी बनाकर खाने से अपच के कारण पेट में होने वाले दर्द से आराम मिलता है। पेट में दर्द होने आधा गिलास पानी में दो चम्मच धनिया डालकर पीने से पेट दर्द से राहत मिलती है। हरे धनिये में ऐसे तत्व है जो शरीर से कोलेस्ट्रॉल को कम कर देता है या उसे कंट्रोल में रखता है। अध्ययन के अनुसार, धनिया के बीजों में कोलेस्ट्रॉल को मेंटेन किए रखने के तत्व होते है। अगर कोई व्यक्ति हाई कोलेस्ट्रॉल से ग्रस्त है तो उसे धनिया के बीजों को उबालकर उसका पानी पीना चाहिए। धनिये को डायबिटीज का नाश करने वाला भी कहा जाता है। डायबिटीज से पीड़ित व्यक्तियों के लिए तो यह वरदान है। इसके नियमित सेवन से ब्लड में इंसुलिन की मात्रा नियंत्रित रहती है। धनिया पाउडर, बॉडी से शुगर के स्तर को कम कर देता है और इन्सुलिन की मात्रा को बढ़ाता है। धनिया खाने से किडनी स्वस्थ रहती है। शोध बताते हैं कि नियमित रूप से धनिये का उपयोग करने वालों में किडनी की समस्या ना के बराबर होती है। इसलिए किडनी की समस्याओं से पीड़ित व्यक्तियों को धनिये का उपयोग जरूर करना चाहिए। धनिये में आयरन भरपूर मात्रा में होता है। इसके नियमित सेवन से एनीमिया को दूर करने में मदद मिलती है। साथ ही एंटी ऑक्सीडेंट, मिनरल, विटामिन ए और सी से भरपूर होने के कारण धनिया कैंसर से भी बचाव करता है। रोजाना हरे धनिये का प्रयोग अपने खाने में करने से आंखों की रोशनी बढऩे लगती है। क्योंकि हरे धनिये में विटामिन ए भरपूर मात्रा में होता है जो आंखों के लिए बहुत आवश्यक होता है। यदि आपके चेहरे पर मुहांसे है तो धनिया से आपके राहत मिल सकती है। इसके लिए धनिये की पत्तियों को पीसकर लें। इस पेस्ट में चुटकी भर हल्दी पाउडर मिलाकर चेहरे पर दिन में कम से कम 2 बार लगाएं। इससे मुहांसो की समस्या दूर होती है और यह ब्लैकहेड्स को भी हटाता है। धनिया की पत्तियां, झुर्रियों को दूर भगाती है। इनमें एंटी-ऑक्सीडेंट काफी मात्रा में होता है जिसके चलते इन्हें लगाने से त्वचा में खिचांव आ जाता है। इसे लगाने से चेहरे पर कोई दाग भी नहीं पड़ता है। एंटीसेप्टिक और एंटीऑक्सीडेंट गुणों के कारण धनिया त्वचा के लिए भी फायदेमंद होता है। इससे मुंहासों की समस्या के साथ-साथ ब्लैकहेड्स की समस्या भी दूर होती है। इसके लिए धनिये की पत्तियों के रस में हल्दी का चूर्ण मिलाकर चेहरे पर लगाएं और कुछ देर चेहरे पर लगे रहने के बाद धो लें। धनिया हाथ पैर की जलन, एसिडिटी, आंखों की जलन, यूरिन की जलन और सिरदर्द को दूर करने में लाभकारी होता है। इसके लिए सौंफ, मिश्री व धनिया के बीजों को समान मात्रा मिलाकर चूर्ण बना कर एक चम्मच प्रतिदिन भोजन के बाद लेने से फायदा होता है।
मंगलवार, 30 जुलाई 2019
...भरे रहेंगे धन के भंडार
अध्यात्म : घर में होने वाली छोटी-छोटी बातें बनती हैं धन के नुकसान का कारण। देखें कहीं आपके घर में तो नहीं हो रही ये गलत बातें। घर में धन के भंडार भरे रहें और संचय भी हो इसके लिए अपनी तिजोरी अथवा धन रखने वाले स्थान का मुंह उत्तर दिशा की ओर रखें। घर के नल अथवा टंकी में से पानी टपकता रहता हो तो उसे तुरंत ठीक करवा लेना चाहिए अन्यथा पानी के साथ-साथ घर का पैसा भी बहता जाता है। खचोंü का बोझ इस कदर बढ़ जाता है की कुछ भी संचय नहीं हो पाता।
घर में जितने भी बेडरूम हैं उनके दरवाजे के सामने जो दीवार हो उसके बाएं कोने में धातु की कोई भी शोपीस लटकाना शुभ होता है क्योंकि इस स्थान पर मुकद्दर और माल-असबाब का अधिकार होता है। इस दिशा का कटा होना, दीवार में दरारें या उख़डा पेंट आदि धन हानि का कारण बनते हैं। घर में रद्दी अथवा कू़डा-कब़ाड जमा करके नहीं रखना चाहिए क्योंकि ये चीजें घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। जिससे धन के रास्ते में आने वाली बाधाओं को बढावा मिलता है। घर की छत और सीढि़यों के नीचे तो कब़ाड कभी भी जमा करके नहीं रखना चाहिए।
घर में जितने भी बेडरूम हैं उनके दरवाजे के सामने जो दीवार हो उसके बाएं कोने में धातु की कोई भी शोपीस लटकाना शुभ होता है क्योंकि इस स्थान पर मुकद्दर और माल-असबाब का अधिकार होता है। इस दिशा का कटा होना, दीवार में दरारें या उख़डा पेंट आदि धन हानि का कारण बनते हैं। घर में रद्दी अथवा कू़डा-कब़ाड जमा करके नहीं रखना चाहिए क्योंकि ये चीजें घर में नकारात्मक ऊर्जा का संचार करती हैं। जिससे धन के रास्ते में आने वाली बाधाओं को बढावा मिलता है। घर की छत और सीढि़यों के नीचे तो कब़ाड कभी भी जमा करके नहीं रखना चाहिए।
लक्ष्मी माता के आठ रूप
अध्यात्म : देवतों से ज्यादा शक्तिशाली माता रानी को बताया गया है। हर शख्स अपने जीवन में धन, विद्या, वैभव और शक्ति के लिए माता रानी की आराधना करता है। आज आपको एक ऎसे मंदिर के बारें में बताने जा रहे है। चेन्नई के अडयार समुद्र तट पर अष्टलक्ष्मी का सुंदर मंदिर स्थित है। अष्टलक्ष्मी मंदिर लक्ष्मी माता के आठ रूपों को समर्पित है। देवी लक्ष्मी के ये विविध रूप हमारे जीवन में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं। अष्टलक्ष्मी हमें धन, विद्या, वैभव, शक्ति और सुख प्रदान करती हैं। इस मंदिर में लक्ष्मी की आठ अलग-अलग मूर्तियां अलग-अलग तलों पर स्थापित की गई हैं। यहां आदि लक्ष्मी, धान्य लक्ष्मी, धैर्य लक्ष्मी, गज लक्ष्मी, विद्या लक्ष्मी, विजया लक्ष्मी, संतना लक्ष्मी और धन लक्ष्मी के दर्शन होते हैं। सभी देवियों के मंदिर घडी की सूई की दिशा में आगे बढते हुए दिखाई देते हैं। सबसे अंत में नवम मंदिर है, जो भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी का है। इस मंदिर में विष्णु की तुलना में लक्ष्मी को प्राथमिकता दी गई है। इस मंदिर का निर्माण 1974 में आरंभ किया गया। मुकुर श्रीनिवास वरदचेरियार की अगुवाई में बनी समिति ने इस मंदिर का निर्माण कराया। 5 अप्रैल 1976 से इस मंदिर में विधिवत पूजा आरंभ हुई। मंदिर का डिजाइन ओम के आकार का है। नवरात्रि और गोकुलअष्टमी मंदिर के प्रमुख त्योहार हैं। मंदिर में आने वाले श्रद्धालु कमल का पुष्प जरूर चढ़ाते हैं। हर लक्ष्मी के लिए लोग अलग-अलग कमल के फूल लेकर जाते हैं। मंदिर के ऊपरी हिस्से से समुद्र का सुंदर नजारा दिखाई देता है।
वहीं समुद्र के तट से मंदिर भी काफी सुंदर नजर आता है। मंदिर का निर्माण तीन मंजिलों में हुआ है। मंदिर के चारों तरफ विशाल आंगन है। इसके परिसर में पूजा सामग्री की दुकान भी है। मंदिर में पूजा का समय सुबह 6.30 बजे से आरंभ होता है। दोपहर 12 बजे मंदिर बंद हो जाता है। फिर शाम को 4 बजे खुलता है और रात के 9 बजे बंद हो जाता है।
वहीं समुद्र के तट से मंदिर भी काफी सुंदर नजर आता है। मंदिर का निर्माण तीन मंजिलों में हुआ है। मंदिर के चारों तरफ विशाल आंगन है। इसके परिसर में पूजा सामग्री की दुकान भी है। मंदिर में पूजा का समय सुबह 6.30 बजे से आरंभ होता है। दोपहर 12 बजे मंदिर बंद हो जाता है। फिर शाम को 4 बजे खुलता है और रात के 9 बजे बंद हो जाता है।
सदस्यता लें
संदेश (Atom)






